गीत संरचना by Kiran Jain Sihor MP

पशुओं की समझी है पीर.........
by Kiran Jain, Sihor, MP

पशुओं की समझी है पीर….

विद्यासागर मुनिराज…. 2

किया बड़ा उपकार….

विद्यासागर मुनिराज पशुओं की समझी पीर, किया बड़ा उपकार तुमने

विद्यासागर मुनिराज…. 2

निर्दोष प्राणियों के, प्राणों की रक्षा में गूंजे जग में, तेरी आवाज…

विद्यासागर मुनिराज….. 1….

हैवान वन बैठे, इंसान कुछ ऐसे……. 2

ढाने लगे पशुओं पर ये जुल्म ये कैसे…….. 2

इन इहत्यारों के चंगुल से पशुओं को बचाने का तुमने किया आघाष……………ओ $$$$

पशुओं की समझी तीर……… किया बड़ा उपकार……

विद्यासागर मुनिराज…. 2…….

वो जो उधारू है, कहलाते गौ माता……. 2

इंसान क्यों उन पर धारे हैं चलवाता ये करुणा विकलित नैन तुम्हारे पूछ रहे सबसे…..

एक सवाल है आज पशुओं की समझी पीर…….

विद्यासागर मुनिराज…. किया बड़ा उपकार…… 3……..

हो पूर्ण प्रतिबंधित निर्यात पशुधन का……… 2

उद्देश यह पावन गुरुवर के जीवन का उद्देश्य यह पावन हम सबके जीवन का जन जन के है गुरुदेव तुम्हारी बात कहे सबको नाच बहुत ही आज………

कि विद्यासागरमुनिराज……… पशुओं की समझी पीर……. किया बड़ा उपकार….. विद्यासागर मुनिराज…… निर्दोष प्राणियों के प्राणोकी रक्षा में गूंजे जग में तेरी आवाज……….. विद्यासागर मुनिराज……….. किया बड़ा उपकार…….. विद्यासागर मुनिराज………..

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